दिल की बात भला कौन सुन पाता है रो तो हम भी सकते है पर आँशु पोछने कहा कोई आता है! दर्द होता है तो सह लेते है आधी रात को घर के किसी कोने में अकेले बैठ रो लेते है! घुटते रहे, दर्द को पीते रहे खुद ही रोता कहा हु मै, ये आँशु तो खुद ही बह आता है दिल की बात भला कौन सुन पाता है! इस मतलबी दुनिया मे बिना मतलब तुम्हे याद कर मिलने कहा कोई आता है दिल की बात........... संघर्ष सिंह
क्या सही है अपनो को छोड़ जाना, क्यु बनते है हम इस पाप के भागी, अरे मरना तो सभी को है, पर क्या जायज़ है इस तरह मौत को गले लगाना ! क्या सही है सबको रुला जाना, वो धरती पर किस को अनश्वर भेजा है, वो खुद ही तुम्हे अपने पास बुला लेगा, पर क्या जायज़ है इस तरह मौत को गले लगाना ! क्या सही है अपनो को जीते जी मार जाना, खुद की सांसें बन्द कर लोगे तुम, अपने लिए ना सही, अपनो के लिए जी लो तुम, पर क्या जायज़ है इस तरह मौत को गले लगाना ! क्या सही है कायरो की तरह अपना अस्तित्व मिटाना, सुख-दुख, दर्द, तकलीफ, संघर्ष ये तो उसके नियम है, अरे यही तो जीवन है, पर क्या जायज़ है इस तरह मौत को गले लगाना ! 🖋️संघर्ष सिंह...
बन्द कर सपने देखना गजवा-ए-हिन्द के अरे है तुझमे दम तो आ रख कदम आग के गोले है हम पानी🌊 सोख डालेंगे सिंध के! लहरायेंगे तिरंगा 🇮🇳तेरे रावलपिंडी में आएंगे 🇵🇰पाकिस्तान के छाती चिर के आ कर ले दो-दो 🤜🤛हाथ, है दम तेरे बाजु में ? वक़्त रहते समझ जा तू तेरे लिए अच्छा है आज भी तू हमारे सामने एक छोटा 👦बच्चा है जंग की इस खेल में आज भी तू कच्चा है ! क्यु चाहता है अपनी विनाश क्यु कर रहा अपने ही हाथों अपनी नाश मारेंगे इतना पूरा पाकिस्तान में बिछ जायेगा लाश ही लाश!⚰️⚰️⚰️⚰️
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