अगर तू गंगा और मै बनारस के घाट होता ।

 घूमते बनारस की गलियों में, मेरे हाथों में तेरा हाथ होता

 चूमता मैं भी तुम्हे हर रोज 

अगर तुम गंगा और मैं बनारस के घाट होता !


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