जब धरा पर राजपूत आया होगा!
देख सामने दुश्मन भी घबराया होगा
जान उसके हल्क में आया होगा
जब धरा पर राजपूत आया होगा!
आई सूरज पर भी छाया होगा
दुनिया भी डगमगाया होगा
जब धरा पर राजपूत आया होगा!
अग्नि भी खुद को ठंढाया होगा
पानी भी बर्फ बन आया होगा
जब धरा पर राजपूत आया होगा!
स्त्रियां भी खुद को महफूज पाया होगा
कमजोरो में भी जान आया होगा
जब धरा पर राजपूत आया होगा!
दुश्मन की आँखों मे आँसू, लहू बन आया होगा
उस दहाड़ से जंगल का राजा, शेर भी घबराया होगा
जब धरा पर राजपूत आया होगा!
जब-जब तलवारो को रक्त पिलाया होगा
तब-तब प्रलय आया होगा
जब धरा पर राजपूत आया होगा!
संघर्ष सिंह.....
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